ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਲਗ ਨਾ ਜਾਂਵਾ, ਤਾਂਹੀ ਸਭ ਤੋਂ ਦੂਰ ਹੋ ਗਿਆ।
सोचू तो बिखर जाऊं, ना सोचूं तो किधर जाऊं…!
जिसको चाहा वो मिला नही, जो मिला उससे मोहब्बत ना हुई…!
क्योंकि रोने पर कोई आंसू पोंछने वाला नहीं आता।
वही सबसे पहले हमारे विश्वास को तोड़ जाते हैं।
जो बात बात पर कहते है तुम्हे छोड़ेंगे नहीं…!
टूटा हूँ मैं यूँ कि अब जुड़ना मुश्किल है,
हम जिसपे खिलते है, उसी पे मुर्झा भी जाते है…!
मगर क्या करूँ, मैं अपनी मोहब्बत से हारा हूँ।
रिश्ते निभाने की Sad Shayari in Hindi उम्मीद हमसे ही क्यों,
कील कि तरह सीधे रहोगे तो ठोक दिये जाओगे।
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
यूँ भरी महफ़िल में तमाशा ना बनाया करो।
इस दुनिया की हलचल से कहीं दूर चला जाऊँ…